जमजम का पानी, कोई मुसलमान आपको ये सच्चाई नही बताएगा

सऊदी अरब के मक्का शहर की मस्जिद अल हरम के भीतर स्तिथ है एक कुआँ जिसके पानी को खुदा की नेहमत माना जाता रहा है।यह कुआँ पवित्र काबा के निकट है जो सऊदी अरब में स्तिथ है।इसे इस्लाम का एक महत्वपूर्ण और पवित्र स्थान माना जाता है।इस्लाम के अनुसार यह कुँए का पानी भगवान के द्वारा चमत्कारिक रूप से उत्पन्न पानी का एक स्त्रोत है जो हज़ारों साल पहले उत्पन्न हुआ था।इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार जमजम का यह कुआँ करीब 4000 साल पुराना है । यह कुआँ करीब 30 मीटर गहरा है।हर साल हज के लिए आने वाले लोग इस कुँए से पानी भरने के लिए ज़रूर आते हैं ।सऊदी कणों के मुताबिक इस कुँए के पानी को बेचना गैर कानूनी है।पहले रस्सियों के सहारे बाल्टी से इस कुँए में से पानी निकाला जाता था लेकिन अब मोटर पम्प लगा दिया गया है जो 1 second में 8000 लीटर तक पानी निकालता है।वाटर पंप से इस पानी को मस्जिद की अलग अलग जगहों पर पहुँचाया जाता है।जहाँ से श्रद्धालु आसानी से पानी भर सकते हैं।इसका इतिहास काफी पुराना है।

बात काफी साल पहले की है जब पैगम्बर हज़रत इब्राहिम एक वचन अनुसार अपनी पत्नी बीबी हाज़रा और शिशुपुत्र हज़रत इस्माइल को मक्का के रेगिस्तान में छोड़ कर चले गए थे।जिसके बाद मक्का के रेगिस्तान में दूर दूर तक कोई भी पानी का स्त्रोत नज़र नहीं आ रहा था लेकिन शिशु हज़रत इस्माइल को प्यास लगी लेकिन भूमि पर कोई भी पानी का स्त्रोत नहीं दिख रहा था।इसी दौरान मासूम हज़रत इस्माइल अपनी एड़ियों को रेत पर रगड़ते हैं और ख़ुदा के करम से उस जगह पर पानी निकलने लगता है फिर धीरे धीरे यह जगह एक कुँए का रूप ले लेती है जो आज जमजम के पाने के नाम से जाना जाता है।हम आपको रूबरू करवाते हैं उस engineer शख्स से जिसने आज से 40 वर्षों पहले खुद आब-ए-जमजम का निरीक्षण किया था।जमजम पानी का sample European Laboratories में भेजा गया और जांच में जो बातें सामने आयी उससे साबित होता है की जमजम पानी इंसान के लिए रब की एक बेहतरीन नियामत है।आम पानी से अलग जमजम पानी में इंसानो के लिए काफ़ी फायदे छिपे हैं।वर्ष 1971 की बात है मिस्र के एक doctor ने European Press को लिखा था की मक्का का जमजम पानी लोगों के पीने योग्य नहीं है।दरअसल इसके बयान का आधार था की काबा समुद्र ताल से नीचे है और यह मक्का शहर के बीचोंबीच स्तिथ है।

इस वजह से मक्का शहर का गंदा पानी नालों से इस कुँए में आकर जमा होता रहता है।जमजम के पानी में Calcium और Magnesium पाए जाते हैं।जमजम का पानी और मक्का शहर के अलग पानी में Calcium और magnesium source की मात्रा का फ़र्क़ था।जमजम में यह दोनों तत्व ज़्यादा थे।शायद यही वजह थी की जमजम का पानी यहाँ आने वाले कमज़ोर हाजी को भी ऊर्जावान और तरोताज़ा बनाए रखता है।जमजम के पानी में floride पाया जाता है।महत्वपूर्ण बात यह है की जमजम के पानी में पाए जाने वाला यह floride अपना महत्वपूर्ण प्रभावी असर रखता है।यह floride कीटाणुनाशक होता है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की European Laboratories ने अपनी जांच के बाद यह बताया है की जमजम का पानी पीने के लिए एकदम उपयुक्त है और इस तरह से मिस्र के doctor का ज़मज़म पाने के बारे में फैलाया गया propaganda गलत साबित हुआ।इस रिपोर्ट की जानकारी जब शाह फैज़ल को दी गई तो वह बेहद खुश हुए और उन्होंने European Press को यह जांच रिपोर्ट भिजवाने के आदेश दिए ।

जमजम पानी के रासायनिक संरचना के अध्ययन से यह देखने को मिला है की जमजम का पानी तो ईश्वर का अनुपम उपहार है।सच्चाई यह है की आप जितना अधिक इस पानी को जाँचते हैं उतनी नई और महत्वपूर्ण बातें सामने आती हैं।तो जानते हैं जमजम के पानी की चंद खूबियों के बारे में Kabhi nahi sukha (कभी नहीं सूखा)=जमजम पानी का यह कुआँ कभी भी नहीं सूखा।यही नहीं इस कुँए ने ज़रुरत के मुताबिक़ पानी की आपूर्ति की है।जब जब जितने पानी की ज़रुरत हुई यहाँ पानी उपलब्ध हुआ।
Ek si Salt ki saranchna (एक सी salt की सरंचना)=जमजम के पानी की salt की सरंचना हमेशा एक जैसी ही रही है ।इसका स्वाद भी जब से अस्तित्व में आया है तब से एक जैसा रहा है।

Sabhi ke liye faaydemand (सभी के लिए फ़ायदेमंद)=यह पानी सभी को suit करने वाला है और सभी के लिए फ़ायदेमंद साबित हुआ है। इसने अपनी वैश्विक अहमियत को साबित किया है।दुनियाभर से हज और उमराह के लिए मक्का आने वाले लोग इस पानी को पीते हैं और उनको इस पानी को पीके कोई शिकायत नहीं हुई बल्कि यह लोग इस पानी को बड़े चाव से पीते हैं और खुद को अधिक ऊर्जावान और तरोताज़ा महसूस करते हैं।
Universal Test (यूनिवर्सल टेस्ट)=अकसर देखा गया है की अलग अलग जगह के पानी का स्वाद अलग अलग होता है लेकिन जमजम पानी का स्वाद universal है।हर पीने वाले को इसका स्वाद अलग सा महसूस नहीं होता है।

Koi javik vikaas nahi (कोई जैविक विकास नहीं)=जमजम के इस पानी को कभी रसायन डाल कर शुद्ध करने की ज़रुरत नहीं पड़ती है जैसा की अन्य पेयजल के मामले में यह तरीका अपनयाया जाता है। यह भी देखा गया है की आम तौर पर कुओं में कई जीव और वनस्पति पनप जाते हैं ।कुओं में शैवाल हो जाते हैं जिससे कुओं में पानी और गंध की समस्या उत्पन्न हो जाती है लेकिन जमजम के कुँए में किसी तरह के जैविक विकास का कोई भी चिन्ह नहीं मिला है।

तो यह थी मक्का में स्तिथ जमजम के इस पवित्र पानी के बारे में कुछ ऐसी खूबियां जिनके बारे में जानके हर कोई हैरान हो जाता है ।

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