तिरुपति बालाजी के 10 रहस्य और चमत्कार

आपने भारत के अनेक रहस्मयी मंदिरों में बारे में ज़रूर पढ़ा और सुना होगा ।इन रहस्मयी मंदिरों के बारे में सुनकर आप ज़रूर आश्चर्यचकित रह गए होंगे ।इन मंदिरों में से एक रहस्मयी मंदिर है तिरुपति बालाजी का ।समुद्रतल से 3200 फ़ीट की ऊंचाई पर स्तिथ तिरुमाला की पहाड़ियों पर बना श्री वेंकेटेश्वर मंदिर भारत के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले के तिरुपति में स्तिथ यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है । वेंकटश्वर मंदिर को दुनिया में सबसे अधिक पूजनीय स्थलों में से एक कहा गया है।विश्व के सर्वाधिक धनी धार्मिक स्थानों में से यह स्थान भारत के सबसे अधिक तीर्थयात्रियों के आकर्षण का केंद्र है। इन्हे सात पहाड़ों का भगवान भी कहा जाता है। इनके रहस्यों को जानकार हर कोई दंग रह जाता है।

तो चलिए जानते हैं तिरुपति बालाजी के कुछ ऐसे 11 रहस्यों के बारे में जिनके बारे में जानकार आप दंग रह जाएँगे।तिरुपति बालाजी को भारत के सबसे अमीर देवताओं में से एक माना जाता है। हर साल यहाँ श्रद्धालु लाखों की संख्या में तिरुमाला की पहाड़ियों पर इकट्ठा होते हैं। असा माना जाता है की यहाँ भगवान तिरुपति बालाजी अपनी पत्नी पद्मावती के साथ तिरुमाला में निवास करते हैं।यहाँ सच्चे दिल से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है और जब किसी भगत की दिल की मुराद पूरी होती है तो वह यहाँ आके अपने बालों का दान करते हैं।आपको बता दे की भगवान तिरुपति बालाजी को वेंकेटेश्वर, श्रीनिवास और गोविंदा के नाम से भी जाना जाता है। तिरुपति बालाजी का यह चमत्कारिक मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुमाला पहाड़ों में बना है। इस मंदिर के बहुरत ज़्यादा विख्यात होने का कारण इस मंदिर के चमत्कार हैं ।
इस मंदिर से बहुत साड़ी मान्यताएँ जुडी हैं जो आप माने या न माने वहां के भगत इन मान्यताओं को ज़रूर मानते हैं।

1 – ऐसा माना जाता है की इस मंदिर में वेंकेटेश्वर स्वामी की मूर्ति पर लगे बाल असली हैं और यह बाल कभी भी आपस में उलझते नहीं हैं और हरदम मुलायम रहते हैं। यहाँ के लोगों का मानना है की यह सब असली है क्यूंकि यहाँ असलियत में भगवान विराजते हैं।
2 – कहा जाता है की अठारवीं शताब्दी में मंदिर की दीवार पर ही कुछ लोगों को फांसी दी गई थी ।तब से खुद वेंकेटेश्वर स्वामी जी मंदिर में प्रकट होते रहे हैं।इस मंदिर को पूरे 12 वर्षों के लिए बंद कर दिया गया था क्यूंकि उस वक्त वहां के राजा ने उन लोगों को मौत की सजा दी थी और उन्हें मंदिर के गेट पर लटका दिया था।
3 – अगर आप इस मंदिर में जाते हो और भगवान तिरुपति जी की मूर्ति पर कान लगाकर सुने तो आप आश्चर्यचकित हो जाएँगे क्यूंकि जब आप कान लगाएंगे तो आपको समुद्र की आवाज़ें सुनाई देंगी और इसी कारण बालाजी की मूर्ति हमेशा ही गीली रहती है और यहाँ आपको एक अजीब सी शांति महसूस होगी।
4 – मंदिर के मुख्य दरवाजे की दायीं और एक छड़ी है।इसी छड़ी के बारे में कहा जाता है की इसी छड़ी से बालाजी की बालरूप में पिटाई करी गई थी जिस कारण उनकी ठोड़ी पर चोट लग गई थी ।तब से लेकर आज़तक उनकी ठोड़ी पर चन्दन का लेप लगाया जाता है ताकि उनका घाव भर सके।
5 – बालाजी के इस मंदिर में एक दीया हमेशा ही जलता रहता है।इसमें ना ही कभी तेल डाला जाता है और ना ही कभी घी।इसमें सोचने और आश्चर्य करने वाली बात यह है की यह दीया कब और किसने जलाया था उसके बारे में कुछ पता नहीं है क्यूंकि यह दीया वर्षों से ही जलता आ रहा है।
6 – अगर आप दर्शन करने के लिए बालाजी के मंदिर में जाएंगे तो आप आश्चर्य में पड़ जाएँगे क्यूंकि तब आ[ भगवान की मूर्ति को गर्भगृह से देखेंगे तो भगवान की मूर्ति गर्भगृह के मध्य में दिखाई देगी लेकिन जब आप बाहर आकर इस मूर्ति को देखेंगे तो पाएंगे की यह मूर्ति मंदिर के दायीं और स्तिथ है।
7 – भगवान तिरुपति जी की मूर्ति पर एक ख़ास तरह का कपूर लगाया जाता है ।अगर इस कपूर को किसी पत्थर पर चढ़ाया जाता है तो वो पत्थर कुछ समय बाद चटक जाता है लेकिन भगवान की इस प्रतिमा को कभी कुछ नहीं होता।
8 – मंदिर में जितने भी फूल – पत्ती और तुलसी के पत्ते चढ़ाये जाते हैं वो सब के सब फूल भगतों को ना देकर पीछे स्तिथ एक जल कुंड में विसर्जित कर दिए जाते हैं क्यूंकि पुष्प को देखना और पास रखना अच्छा नहीं माना जाता है।
9 – गुरूवार के दिन पूर्ण रूप से पूरा का पूरा चन्दन लगाया जाता है और जब इस चन्दन को हटाया जाता है तो तब वहां खुद-ब-खुद की माता लक्ष्मी जी की प्रतिमा ऊभर जाती है।यह आजतक पता नहीं चल पाया है की ऐसा क्यों होता है और भगवान तिरुपति बालाजी को नीचे धोती और ऊपर साड़ी से सजाया जाता है।
10 – मंदिर से 23 किलोमीटर दूर एक गांव है।उस गांव में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश बिलकुल मना है और वहां लोग नियम से रहते हैं।वहीं से लाये गए फूल भगवान को चढ़ाये जाते हैं और वहीं की वस्तुओं को भगवान को चढ़ाया जाता है जैसे की दूध,दही और माखन आदि।
11 – तिरुपति मंदिर में भगतों द्वारा बहुत ही दान किया जाता है।मान्यता अनुसार मंदिर में दान करने की परंपरा विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के समय से ही चली आ रही है।राजा कृष्णदेव राय इस मंदिर में हीरे और सोना चांदी का दान करते थे

तो यह थे तिरुपति बालाजी के कुछ रहस्य और चमत्कार जिनके बारे में सुन कर हर कोई हैरान हो जाता है।

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