प्राचीन भारत के अद्धभुत अविष्कार जिन्हे अंग्रेज उठा कर ले गए |

भारत देश पूरी दुनिया का गुरू रहा है | भारत के बिना न धर्म की कल्पना की जा सकती है न विज्ञान की | महाभारत और रामायण जैसे ग्रन्थ भी अपने आप में सम्पूर्ण विज्ञान को समेटे हुए है | भारत देश के ऋषि मुनिओं ने ऐसी खोजें और जानकारी दुनिया को दी है , जिनके कारण आज आधुनिक विज्ञान का अस्तित्व है | थॉमस एडिसन ने भी अपनी किताब में लिखा है की उन्होंने बल्ब का अविष्कार ऋषि अगस्त्य की किताब अगस्त्य सहिंता पढ़ने के बाद ही कर पाए | हालाँकि भारत में की गयी अधिकतर खोजों को या तो भुलाया जा चूका है या उनके पेटेंट अंग्रेज अपने नाम करवा चुके है | आपको ऐसी खोजों के बारे में बताने जा रहे है जिनका अविष्कार भारत में हुआ | बटन को अगर मोटे तौर पर देखा जाये तो एक मामूली सी चीज़ लगती है , पर इसकी कितनी महत्वता है यह आप लोगों की पता है | प्राचीन काल से अब तक इसमें कोई खास बदलाव नहीं हुए है | बटन का सबसे पहले निर्माण भारत में हुआ था | इसका प्रमाण मोहनजोदड़ो की खुदाई से मिलता है |

इन खुदायिओं में ऐसे वस्त्र मिले जिन पर बटन लग्गे हुए थे | मोहनजोदड़ो की सब्यता आज से 25 से 30000 साल पहले सिंधु नदी के पास थी | महाभारत के युद्ध में पहियों का वर्णनं है | पहियों के बगैर रथ चल ही नहीं सकता | इससे सिद्ध होता है की पहिये का अविष्कार आज से 5000 से 10000 साल पहले हो चूका था | पहिये का अविष्कार मानव इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि थी | पहिये के अविष्कार के बाद ही साइकिल और कार तक का सफर पूरा हुआ | इससे जीवन को गति मिली | जीवन में परिवर्तन आया | पश्चिमी विद्वान इस अविष्कार का श्रेय इराक को देते है | जबकि वहां रेतीले मैदान है और वहां के लोग 19 वी सदी तक ऊँठ का ही इस्तेमाल करते थे | शल्य चिकित्सा या प्लास्टिक सर्जरी से दुनिया में क्रांति आ गयी | पश्चिमी लोगों का कहना है की प्लास्टिक सर्जरी आधुनिक क्रांति की देन है | प्लास्टिक सर्जरी का मतलब है शरीर के किसी हिस्से को ठीक करना | भारत मे सुसुरुद को पहला शल्य चिकित्सक मन गया है | आज से 3000 साल पहले सुसुरुद युद्ध या प्राकर्तिक विपदाओं में जिनके अन्ग भंग हो जाते थे | तो उन्हें ठीक करने का काम वह करते थे | सुसुरुद ने 1000 वर्ष पूर्व प्रसव , कृत्रिम अन्ग लगाना और शल्य चिकित्सा जैसे काम प्रतिबधित कर दिए थे |

धनुष बाण और भाला जैसे अस्त्र शस्त्र का अविष्कार तो भारत में ही हुआ था , इसके अलावा वेदों में अग्नि शस्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे अस्त्रों का भी निर्माण हुआ है | आधुनिक काल में परमाणु बम के जनक ने भी गीता और महाभारत का गहन अध्यन किया | महर्षि कणाद को अस्त्र शास्त्र का निर्माता मन जाता है | आधुनिक विमान का अविष्कार चाहे राइट ब्रदर्स ने किया हो पर महर्षि भरद्वाज ने विमान शास्त्र लिखा था , जिसमे हवाई जहाज बनाने की तकनीक का वर्णनं मिलता है | महर्षि भरद्वाज द्वारा लिखे शास्त्र में वैमानिक और हवा में उड़ने वाले विमानों का ज़िक्र किया गया है |

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