हिंदू और मुस्लिम के बीच का अंतर

जब हम हिंदुस्तान के इतिहास के पन्नो पर नज़र मारते है , तो इतिहास के तीन काल खंड बताये जाते है | हिन्दू युग , मुस्लिम युग , ब्रिटिश युग |
मुझे यह समझ नहीं आता हिन्दू और मुस्लिम युग को हिन्दू और मुस्लिम युग कहा गया है पर ब्रिटिश युग को क्रिस्चियन युग क्यों नहीं कहा गया | छोटी सी दिखने वाली बात के पीछे बहुत गहरी साजिश छिप्पी हुई है |

भारत को जीतने के बाद East इंडिया कंपनी के कई अधिकारीयों ने भारत का इतिहास लिखा | उन्होने जगह जगह लिखा भारत पर ब्रिटिश से पहले मुस्लिम्स का हाथ था |
1761. में मुस्लिम राज्य का अंत हुआ | और अंग्रेजों ने मुस्लिम सत्ता हथया ली | असल में 1707 में औरंगजेब की मृतुय के बाद मुस्लिम सत्ता कमजोर हो चुकी सन 1700 के बाद से मराठा सल्तनत मजबूत हो चुकी थी, फिर भी अंग्रेजों ने लिखा उन्हों ने मुग़ल सल्तनत से सत्ता हथ्याई |
इससे बड़ा झूठ तो कोई हो ही नहीं सकता | असल में अंग्रेजों को सत्ता हथ्याने के लिए बेशक सिखों मुस्लिम्स से खूनी जंग लड़ना पड़ा , मुग़ल शासक तुर्क के थे इसलिए मुग़ल शासक को तुर्क युग कहना चाहिए था |

न की तुर्क युग | दूसरे देशों के इतिहासकारों जैसे ईरान , चाइना ने अपने देश के इतिहास में तुर्क युग के लिए तुर्क शब्द का उपयोग किया है | मुस्लिम युग कहीं नहीं कहा |
लेकिन भारत में अंग्रेजों ने तुर्की युग को मुस्लिम युग कहा है | जबकि तुर्कियूं को भारतीय हिन्दू और भारतीय मुसलमानो से हद्द तक की घृणा थी | औरंगजेब ने अगर मंदिर तोड़े तो मुस्लिम की मस्जिद भी तोड़ी |

बाबर इब्राहिम लोधी को मार कर ही दिल्ली की सत्ता ली थी | वे मुग़ल लुटेरे थे जिन्होंने भारतीय हिन्दू के साथ साथ भारतीय मुसलमान को भी लूटा | अंग्रेजों ने बड़ी चलाकी से मुग़ल युग को मुस्लिम युग बताया है |

अंग्रेजों ने बड़ी चलाकी से भाई भाई रह थे हिन्दू मुस्लिम्स के बीच ऐसी खाई खोद दी जिसे कोई भी कुर्बानियां भर नहीं पायी |
ऐसे में सवाल उठता है की अंग्रेजों को हिन्दू मुसलमानो को लड़वाकर आखिर मिला क्या | वे इसी नीति से भारत पर राज कर सके फूट डालो , शासन करो |
क्योंकि अंग्रेजों के पैर उखड़ने लग्गे थे उन्हें हिन्दू मुसलमान की एकता देख कर डर लगना शुरू हो गया था | उन्होन सोचा मजहब के नाम पर लड़ाई करके वो हिंदुस्तान पर राज कर सकते है | वो कभी गाय काट काट मंदिर के आगे रख देते फिर कभी सुएर मार मस्जिद के आगे रख देते थे |वही हम बेवकूफ लड़ाई करनी शुरू कर देते और अंग्रेज हाथ में व्हिस्की का गिलास लेकर रेडियो पर खबरें सुनते कहा कितने हिन्दू मरे और कहाँ कितने मुस्लिम |

आज तक 250 वर्षों में मतलब 1800 के बाद जितनी तरक्की हुई है वो पश्चिमी देशों यानी यहूदियों और ईसाईयों की वजह से हुई है न की हिन्दू और मुस्लिम की वजह से | इस विकास में हिन्दू और मुस्लिम्स का 1% हिस्सा नहीं है |

आज दुनिया में 61 इस्लामी मुस्लिम देश है जिनकी संख्या 1.5 अरब है पर सिर्फ 435 यूनिवर्सिटीज है | जबकि अमेरिका में 3000
से भी ज्यादा यूनिवर्सिटीज है | उनके 45% लोग यूनिवर्सिटीज में पहुंचते है | जबकि वहीँ मुस्लिम्स २% और हिन्दू 8% ही पहुंच पाते है |
ओलंपिक्स में भी ईसाई ही ज्यादा गोल्ड जीतते है हिन्दू और मुस्लिम इसमें भी पीछे है | इस लिए हिन्दू मुसलमान से उठ कर हमें देश की तरक्की पर ध्यान देना चाहिए |

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