Top 10 Best Indian Singers भारत की वो 10 आवाज़ें

संगीत एक क ला ही नहीं बल्कि एक साधना भी है। सफलता के शिखर पर वही पहुँच सकता है जिसे संगीत से प्रेम हो और जो संगीत की पूजा करना जानता हो। भारत में प्रतिभाशाली गायकों की कभी कमी नहीं रही। इन legendary सिंगर्स को अपनी मंज़िल तक पहुँचने से कोई नहीं रोक पाया।
ये हैं भारत की वो 10 आवाज़ें जो सदियों तक गूंजती रहेंगी।

मोहित चौहान (Mohit Chauhan)
हिंदी फिल्म जगत में मुख्यतः उनके रोमांटिक गानों केलिए मशहूर मोहित चौहान का जन्म 11 मार्च 1966 में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले में हुआ। दिल्ली जाकर उन्होंने सिल्क रूट (silk route) नाम का बैंड बनाया। 1996 में इस बैंड का पहला एल्बम ‘boond’ रिलीज़ हुआ। इस एल्बम का गीत ‘dooba dooba rehta hoon’ बहुत हिट हुआ। बेहतरीन गानों के लिए जाने जाने वाले मोहित चौहान एक्टर बनना चाहते थे। उनको 2 बार सर्वश्रेष्ठ पार्शव गायक का पुरस्कार भी मिल चुका है। इनके कुछ जाने माने गीत है ‘saada haq ‘ फिल्म रॉकस्टार और ‘masakkali ‘ फिल्म दिल्ली 6 से।

अरिजीत सिंह (Arijit Singh)
बेस्ट रोमांटिक गानों के लिए मशहूर अरिजीत सिंह का जन्म 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल, भारत में हुआ। वे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आज की generation के जाने माने भारतीय पार्शव गायक और म्यूजिक प्रोग्रामर हैं। अरिजीत सिंह ने सफलता के लिए कड़ी मेहनत की। फिल्म आशिकी 2 में गाये उनके गाने tum hi ho के बाद से वो जाना माना नाम बन गए। इसके लिए उन्हें filmfare award भी मिला। इनके कुछ और बेहतरीन गीत हैं ‘mast magan’ फिल्म 2 स्टेट्स, ‘kabira’ फिल्म ये जवानी है दीवानी।

कुमार शानू (Kumar Sanu)
कुमार शानू का असली नाम है केदारनाथ भट्टाचार्य। उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को कोलकाता में हुआ। कुमार शानू एकलौते ऐसे हिंदी गायक हैं जिनके नाम एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। कुमार शानू ने स्नातक की पढाई करने के बाद कोलकाता में स्टेज प्रोग्राम्स में गाना शुरू कर दिया था। उन्हें लगातार पांच साल तक filmfare award से सम्मानित किया गया। उन्हें पद्मश्री से भी नवाज़ा जा चुका है। इनके कुछ बेहतरीन गीत हैं ‘मेरा दिल भी इतना पागल है (mera dil bhi itna paagal hai)’ , ‘जब कोई बात बिगड़ जाये (jab koibaat bigad jaye)’ , ‘दो दिल मिल रहे हैं (do dil mil rahe hain)’।

सोनू निगम (Sonu Nigam)
सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई 1973 में फरीदाबाद हरयाणा में हुआ। उन्होंने अपनी गायकी की करियर 4 साल की उम्र में ही कर दिया था। उन्होंने संगीत का प्रशिक्षण उस्ताद घुलाम मुस्तफा खान से लिया। उनके कई पॉप एल्बम भी रिलीज़ हुए हैं औरउन्होंने कई फिल्मों में अभिनेता के तौर पर भी काम किया है। अभी तक उन्होंने लगभग 10 अलग भाषाओँ में 2000 से भी ज़्यादा गाने गए हैं। इनके कुछ बेहतरीन गीत हैं ‘कल हो ना हो (kal ho na ho)’ , अभी मुझ में कहीं (abhi mujhme kahin), मैं अगर कहूं (main agar kahun), जाने नहीं देंगे तुझे (jaane nahi denge tujhe)|

सुखविंदर सिंह (Sukhvinder Singh)
इनका जन्म 18 जुलाई 1971 को अमृतसर, पंजाब में हुआ। उन्होंने 8 साल की उम्र से ही स्टेज पर पेरफ़ोर्मकरना शुरू कर दिया था। उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई हिट गाने दिए हैं। उनको पहला filmfare दिल से के गाने ‘छैय्याँ छैय्याँ (chaiyya chaiyya)’ के लिए मिला था। इनका ग|या गीत ‘जय हो’ oscar से नवाज़ा गया है।

मुकेश (Mukesh)
मुकेश साहब के गानों में टूटे दिल की खनक हुआ करती थी। कहीं दूर जब दिन ढल जाए (kahin door jab din dhal jaaye) गाने वाले मुकेश साहब अपने सुरों में शिद्दत से रमे हुए थे। उनके गाने सदाबहार है। यह आज या कल के नहीं सदियों सदियों के स्वर है।

जगजीत सिंह (Jagjeet Singh)
बेहतरीन ग़ज़ल गायकों में जगजीत सिंह का नाम बहुत लोकप्रिय है। उनका जन्म 8 फरवरी 1941 को बीकानेर, भारत में हुआ था। उन्होंने संगीत की शिक्षा उस्ताद जमाल खान और पंडित छगनलाल शर्मा से ली थी। 1965 में वो मुंबई पोहंचे और उसके बाद उन्होंने कई फिल्मों मेभी गाने गाये। 2003 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। 10 अक्टूबर 2011 मेंउनका देहांत हो गया। उनके कुछ बेहतरीन गीत होशवालों को खबर क्या (hoshwalon ko khabar kya) , होंठों से छु लो तुम (honton se choo lo tum), चिट्ठी ना कोई सन्देश (chitthi na koi sandesh) आदि हैं।

नुसरत फ़तेह अली खान (Nusrat Fateh Ali Khan)
वैसे तो ये पाकिस्तान के सूफी गायक रहे हैं पर इन्हे भारत में बहुत सुना जाता है। नुसरत साहब अपने आप में एक सर्वोच्च गायक थे। सूफी की असली पहचान इन्ही से है। इनके स्वर दिलों को नहीं सीधे ईश्वर को छूटे थे जैसे गए ना रहे हों आराधना कर रहे हों। पल भर में कैसे बदलते हैं रिश्ते अब तो हर अपना बेगाना लगता है ये गाना सुनते ही नुसरत साहब की याद ताज़ा हो जाती है।

मोहम्मद रफ़ी (Mohammad Rafi)
हिंदी सिनेमा के सुरों के बेताज बादशाह मोहम्मद रफ़ी का जन्म 24 दिसंबर 1924 को पंजाब के कोटला में हुआ था। रफ़ी साहब ने ना सिर्फ देसी पर कई विदेशी भाषाओँ में भी गीत गए थे। उन्हें 6 filmfare अवार्ड और एक नेशनल अवार्ड मिला। उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। वे भारत के लीजेंडरी सिंगर्स में से एक थे। उनके कुछ मशहूर गाने है ये रेशमी ज़ुल्फ़ें (ye reshmi zulfen), आजा तुझको पुकारे (aaja tujhko pukare)।

किशोर कुमार और लता मंगेश्वर (Kishore Kumar and Lata Mangeshkar)
पहला नंबर इन दोनों के साथ साझा किया गया है। किशोर डा एक संपूर्ण कलाकार थे और उनके गीत रूह को छूकर जाते थे। मेरा जीवन कोरा कागज़ (mera jeevan kora kaagaz) जैसे गीतों से उन्होंने गायकी के एक सहेज रूप को उन्नति प्रदान की। लता दीदी को स्वर सम्रगिनी कहा जाता है। ना तो इस काल में ना आने वाले कई युगों तक उनके जैसी आवाज़ हो सकती है ना हो पायेगी। ए मेरे वतन के लोगों (aye mere vatan ke logon) के बाद वपूरे राष्ट्र का स्वर बन चुकी हैं।

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