डॉक्टर (Doctor) और बीमारी से ज़िन्दगी भर कैसे दूर रहे

आज के समय में हम दुनिया में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत तेज़ी से बन रहा है जैसे हम सब तैयारी कर रहे हैं अगर किसी दिन हम सब गंभीर रूप से बीमार(Fever) हो जाएं।


परन्तु ज़रूरी नहीं है की ऐसा हो अगर आपको पता हो की तत्वों को कैसे संभालना है। अगर सारे नहीं तो काम से काम पानी और हवा को अपने नियंत्रण में लेना बहुत आसान है। इस दो तत्वों तक पहुँच आसान है।

अगर आप इन दो को अच्छे से सँभालते हैं और अपने खान पान को लेके जागरूक रहते हैं तो आप कभीं डॉक्टर के पास नहीं जाएंगे।

एक समय था जब एक पूरे कसबे में एक डॉक्टर (Doctor) हुआ करता है और ये काफी था। आज हर गली में पांच डॉक्टर है और वो भी पर्याप्त नहीं है।
ये साफ़ देखा जा सकता है की हम हम भूल जाते हैं की हमे कैसे जीना चाहिए। जो चीज़ें हमारा जीवन बनाती है, यह धरती जिसपर हम चलते हैं, हवा जिसे हम सांस में लेते हैं, पानी जो हम पीते हैं आकाश जो हमे थामे हुए है, जब हम उनका आदर नहीं करते तो हमारे भीतर उनका बर्ताव बहुत अलग होता है।

आज ये दर्शाने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण हैं की पानी की ज़बरदस्त यादाश्त (Memory) होती है। अगर आप बस पानी की ओर देखते हुए एक विचार पैदा करें तो पानी की सरंचना बदल जाएगी। उदाहरण के लिए यहाँ पानी को ताम्बे के बर्तन में रखा गया है और ऊपर एक फूल रखा है क्यूंकि यह भगवान् है। अगर आप एक दिन पानी न पियें तो सिर्फ यही भगवान् है।


तो आप पानी के साथ कैसा बर्ताव कर रहे हैं ये याद बहुत लम्बे समय तक रहती है। पानी के साथ हमारा बर्ताव हमारे अंदर कई चीज़ों को बदल देता है। यह हम बहुत समय से जानते है लेकिन आज आधुनिक विज्ञान ने इसपर बहुत सारे प्रयोग किये हैं और वो कह रहे हैं की पानी एक लिक्विड कंप्यूटर है और वो अपने अंदर बहुत कुछ संग्रह कर सकता है। कुछ ऐसे तरीके ही जिससे पानी सारी पुराणी बीमारियों को दूर कर सकता है।

बीमारियां संक्रामक होती हैं या Chronic होती हैं. संक्रामक रोग एक बाहरी हमला है जिसमे बाहरी जीवाणु हमारे शरीर में घुसकर हमे परेशान करते हैं जिसके लिए आपको डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता है। लेकिन कई बीमारियां खुद अपने शरीर के अंदर पैदा की गयी होती हैं। इसकी बुनियादी वजह है इन् तत्वों के साथ हमारा बर्ताव। अगर हमे सेहतमंद और खुशहाल रह न है तो हमे इन तत्वों के साथ अच्छा बर्ताव करना होगा। हमारे शरीर का 72 % हिस्सा पानी है। अपने भीतर इस मुख्य तत्त्व को हम कैसे आसानी से शुद्ध कर सकते हैं? पहली चीज़ है पानी के साथ हमारा बर्ताव। आज कल सब plastic की बोतलों से पानी पी रहा है।

अगर हम इसे धातु के बर्तन में रखते हैं जैसे ताम्बा तो पानी की प्रकृति ही बदल जाएगी। दक्षिण भारत में यह आज भी पानी के बर्तन की रोज़ पूजा की जाती है। पानी को ताम्बे के बर्तन में रखना पानी को ऊर्जावान बनाता है। आज लोगों ने water imploding machines बना ली हैं।

आप मशीन से पानी अंतर विस्फोट करा सकते हैं। इस मशीन के इस्तेमाल से केवल 10 प्रतिशत पानी से आप पौधों को अभी की तरह उगा सकते हैं। इससे पानी की खपत काम हो जाएगी पर पौधे उतनी ही पैदावार देंगे। खेती करने के लिए यह बहुत अच्छी हैं। रोज़ के इस्तेमाल के लिए हर दिन एक ताम्बे के बर्तन के पास एक दिया जलाये और एक फूल रखे तो पानी का बर्ताव आपके भीतर बदल जायेगा। पानी पीने से पहले एक पल के लिए आदर और कृतज्ञता की भावना रखे। पानी और भोजन के प्रति आदर लाएं।

जिस मात्रा में आप खाते हैं वो भी घाट जाएगी और अगर आप इन तत्वों से ठीक से बर्ताव करते हैं तो आपको कभी डॉक्टर के पास जाने की आवशयकता नहीं होगी।

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