दूध पीने के fayde Dudh pine ka Sahi Time Din ya Raat

दूध मनुष्य के जीवन में सबसे महत्त्वपूर्ण आहार मन जाता है। पैदा होते ही जो चीज़ सबसे पहले हमारे शरीर में जाती है वो दूध है। दूध एक एनिमल प्रोडक्ट है जो की हमे जीवित पशु से प्राप्त होता है और वो सभी चीज़ें जो हमे जीवित प्राणियों से मिलती है उनमे कई प्रकार के होर्मोनेस, एमिनो एसिड्स और एन्ज़इम्स बहुत अधिक मात्रा में होते हैं। इस वजह से इन्हे सही समय पर, सही चीज़ों के साथ सही मात्रा में खाना बहुत ज़रूरी होता है क्यूंकि भोजन में पशुओं से मिलने वाली चीज़ों के रियेक्ट करने की tendency बहुत ज़्यादा होती है।

दूध अपने आप में एक संपूर्ण आहार के बराबर होता है और एंजाइम के लिए ऐसे कई ज़रूरी पोषक तत्त्व हैं जो हमे दूध से भरपूर मात्रा में मिल सकते हैं। इसलिए कहा जाता है की जो लॉग रोज़ाना दूध नहीं पीते उन्हें चालीस की उम्र के बार कई तरह की हेल्थ प्रोब्लेम्स से जूझना पड़ता है। और बढ़ती उम्र के बच्चों को दूध ज़रूर पीना चाहिए और दूध का शरीर पे सही तरह से असर हो इसके लिए दूध पीने से जुड़े नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए। कई लोगों को दूध पीने के बाद भी शरीर पे इसका पूरा असर नहीं होता और कुछ लोगों को दूध पूरी तरह से पचता ही नहीं। ऐसी बहुत से चीज़ें हैं जिनका सेवन अगर दूध पीने से पहले या बाद में किया जाए तो होने वाले केमिकल रिएक्शन का असर हमारे शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है। और ऐसी कई बीमारियां भी हैं जिनके होने का कारण दूध का गलत समय पर गलत चीज़ों के साथ सेवन करना ही माना जाता है। पेट, पाचन, पेशाब और त्वचा के रोग सबसे ज़्यादा दूध का गलत तरह से सेवन करने पर होते हैं। इस लये जितना ज़रूरी हमारे लिए दूध पीना है उतना ही ज़रूरी इससे जुड़े नियम भी हैं। अगर सही तरीके से दूध पिया जाये तो एकमात्र दूध ही शरीर में सभी पोषक तत्वों की कमी को पूरा करके व्यक्ति को लम्बी उम्र तक निरोगी और ताकतवर बनाये रखने के लिए काफी होता है।

खाना खाने के बाद दूध नहीं पीना चाहिए

दूध अपने आप में संपूर्ण आहार होता है इसलिए भोजन करने के बाद दूध पीना दोबारा भोजन कर लेने के बराबर माना जाता है। दूध को पचने में काफी समय लगता है और भोजन के बाद अगर दूध पी लिया जाये तो शरीर भारी हो जाता है और भोजन पचने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। यदि भोजन के तुरंत बाद दूध पीना ही हो तो इन दोनों की मात्रा आधी आधी कर लें। इससे ये दोनों चीज़ें ठीक से पच पाएंगी। या फिर भोजन और दूध में कम से कम दो घंटे का अंतराल ज़रूर रखें।

दूध पीने के बाद या पहले यह न खाए

दूधः पीन के बाद या पहले, खट्टे चीज़ें जैसे नीम्बू, आचार, चटनी आदि का सेवन न करें और साथ ही नमकीन मसालेदार चटपटे स्नैक्स आदि को दूध पीने के पहले या बाद में avoid करें क्यूंकि दूध का इन सब चीज़ों के साथ मेल नहीं खाता। शरीर में जाकर जब ये एक दुसरे से मिलते हैं तो केमिकल कंपाउंड अलग होने के कारण पेट में गड़बड़ होने की सम्भावना बहुत बढ़ जाती है। गैस, एसिडिटी, खाना न पचना, पेट फूल जाना और दर्द करने जैसी समस्याओं का मुख्या कारण यही है।
दूध का केमिकल कंपाउंड प्याज और बैंगन के भी विरुद्ध होता है। अगर आप भोजन में बैंगन या सलाद में कच्चे प्याज का सेवन करते हैं तो कम से कम दो से तीन घंटे बाद ही दूध का सेवन करें। इन चीज़ों के साथ दूध का मिश्रण होने से अलग अलग तरह की स्किन allergies और त्वचा रोग होने की सम्भावना बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है।

Fish खाने के बाद दूध नहीं पीना चाहिए

ऐसा मन जाता है की मछली यानी fish खाने के बाद अगर दूध का सेवन कर लिया जाए तो इससे त्वचा पर सफ़ेद धब्बे और leucoderma जैसी बीमारी हो सकती है हालाँकि ये अभी तक science द्वारा साबित नहीं किया गया है। लेकिन वैसे भी मछली या नॉन वेग के बाद दूध का सेवन करना सही नहीं है क्यूंकि दूध अपने आप में कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होता है और साथ ही मॉस मछली आदि में प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है। ये दोनों चीज़ें काफी हैवी भी होती हैं जिसके कारण हमारे पेट और आँतों को इन्हे एक साथ पचाने में बहुत ज़्यादा म्हणत करनी पड़ती है।त्वचा रोगों से ज़्यादा इससे पाचन सम्भंदित रोगों की सम्भावना बढ़ जाती है।

दूध में जब दही मिलाया जाता है तो दही दूध के साथ केमिकल रिएक्शन करके उसे भी दही में बदल देता है और जब इन दोनों का ही साथ में सेवन करते हैं तो ये प्रक्रिया हमारे पेट में शुरू हो जाती है जिससे हमारे पाचन में गड़बड़ होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

दूध कब पीना चाहिए दिन में की रात में

सवाल ये है की दूध कब और कैसे पीना चाहिए? आयुर्वेद के हीसाब से दूध पीने का सबसे सही समय रात का माना जाता है। दूध के अंदर tryptophen नामक एमिनो एसिड होता है जो की दिमाग और बॉडी को शांत करके अच्छी नींद लाने में मदद करता है। रात भर के लम्बे अंतराल में जब हम कुछ भी नहीं कहते तो हमारे शरीर में दूध का असर सबसे ज़्यादा होता है। जो लोग रात को दूध पीते हैं उनका सुबह पेट भी खुल कर साफ़ होता है। दिन में दूध पीने से इसमें मौजूद सभी पोषक तत्त्व हमे नहीं मिल पाते। रात में दूध का सेवन करते हुए भोजन की मात्रा कम रखें और खाने के कम से कम दो घंटे बाद ही दूध का सेवन करें।

किसका दूध पीना चाहिए? गाय या भैंस

अगर आपका वज़न बढ़ा हुआ है या सामान्य है तो गाय का दूध पीना आपके लिए बेहतर है लेकिन अगर आप वज़न बढाकर थोड़ा मोटा होना चाहते हैं तो ऐसे में आपको भैंस के दूध का सेवन करना चाहिए। ताकत और पोषक तत्वों के नज़रिये से देखा जाए तो गाय का दूध भैंस के दूध से कई गुना पेह्तर होता है क्यूंकि इसका असर हमारे दिमाग, हड्डियों, स्किन और बालों पर बहुत तेज़ी से दिखाई देता है। भैंस का दूध गाय के दूध के मुकाबले शरीर में cough की मात्रा को बढ़ता है और ये वज़न बढ़ने के लिए सबसे ज़्यादा उपयोगी होता है इसलिए हमेशा गाय का दूध पियें। अगर आपको गिर गाय का दूध मिल जाये तो वो किसी अमृत से कम नहीं। इस गाय का दूध सबसे ज़्यादा हेअल्थी, लौ फैट, हाई एनर्जी और सबसे ज़्यादा शक्तिशाली होता है। गिर गाय का दूध थोड़ा महंगा होता है और इसमें आम दूध के मुकाबले 5 गुना ज़्यादा एनर्जी होती है और ये वज़न घटाने के लिए भी काफी अच्छा साबित होता है।

ठंडा दूध (Cold Milk) क्यों क्यों नहीं पीना चाहिए

दूध कभी भी ठंडा न पियें क्यूंकि दूध पचने की गति वैसे भी बहुत धीमी होती है और जब हम ठंडा दूध पीते है तो ये बहुत ज़्यादा धीमे पचता है जिससे पेट में गैस बनने लग जाती है। दूध को हमेशा या तो हल्का गरम कर लें या सामान्य तापमान पे ही पियें। दूध में मिठास के लिए शहद, देसी खांड या मिश्री का ही प्रयोग करें। चीनी से किया गया दूध बिलकुल भी लाभकारी नहीं होता क्यूंकि चीनी दूध के पुरे पोषक तत्वों को नष्ट कर देती है। साथ ही चीनी वाला दूध पचना भी बहुत मुश्किल है।

दूध केवल बच्चों को ही नहीं बल्कि बड़े बूढ़े और हर उम्र के व्यक्ति को पीना चाहिए। अगर आप इन सब चीज़ों का ध्यान रखेंगे तो दूध के नियमों का पालन न करने की वजह से बेवजह होने वाली परेशानियों से बचे रहेंगे और दूध का पूरा लाभ उठा सकेंगे।

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