Neend में बड़बड़ाना क्या है? क्या आपको भी है यह बीमारी? मामूली है या है खतरनाक।

Neend में बड़बड़ाना कोई खतरनाक बीमारी तो नहीं है। किन्तु, इससे उस व्यक्ति की ओर कमरे में मौजूद लोगो की नींद खराब हो जाती है। परन्तु, इससे यह अवश्य पता चलता है, की आपकी सेहत ज़्यादा अच्छी नहीं है। इंसान हो या जानवर सब के लिए नींद बहुत ज़रूरी है। यदि, यह ठीक से ना हो तो आपकी सेहत पर काफी गहरा असर हो सकता है।

क्या होता है Neend में बड़बड़ाना ओर क्यों?

नींद में है बड़बड़ाने की आदत से ...

Neend में बड़बड़ाना मतलब नींद में बातें करना या बोलना अकेले अकेले। जब भी आप नींद में बोलते है, तब आप पूरे होश में नहीं होते है। इसीलिए तो आप क्या बोलते है, यह आपको भी पता नहीं होता है, ओर ज़्यादातर आपके शब्द अस्पष्ट ही होते है। इसे Parasomnia कहा जाता है। यदि  Neend में बड़बड़ाना आपकी भी आदत है, तो आपके लिए एक खुशख़बरी है। जी हां, यह कोई बीमारी भी नहीं है। एक महत्वपूर्ण बात भी आपके लिए जाननी ज़रूरी है। आप 30 से ज़्यादा नहीं बोल सकते है नींद में –  एक research से पता चला है।

कौन बड़बड़ाते हैं नींद में?

Neend में बड़बड़ाना – यह आदत क्यों होती है लोगो में?

बच्चों में अक्सर यह आदत देखी जाती है। तक़रीबन 2+ साल से ऊपर के बच्चों में यह आदत देखी गई है। हम सब के साथ कभी ना कभी तो ऐसा हुआ होता है, कि हम सोते समय कुछ बोल रहे हो ओर अपनी बात सोने के बाद पूरी की हो। कई सूत्रों से पता चला है कि हर 10 से 15 बच्चों में से 1 या 2 बच्चे तो सप्ताह में एक बार ही सही परन्तु बड़बड़ाते ज़रूर है। बच्चे हो या बूढ़े अक्सर लोगो में यह आदत होती है। लोगो को निंद्रारोग भी होता है। यानी नींद में बोलने एवं हाथ पैर चलने कि आदत है तो ये ‘आरईएम स्लीप बिहैवियर डिसआर्डर’ निंड्रारोग में से एक है। यह बहुत तनाव ओर टेंशन लेने के कारण होती है।

इस आदत के पीछे छुपा कारण ओर समय जाने।

कारण

  • किसी विषय पर रात के समय ज़्यादा सोच ने से।
  • ऐसे सपने देखना जिसे आप घबरा जाएं या डर जाए।
  • बहुत टेंशन लेने या थक जाने की वजह से भी कई बार व्यक्ति नींद में बड़बड़ाता है।

कब व्यक्ति ज़्यादा नींद में बड़बड़ाता है?

नींद के 4 दौर होते है यह तो आप जानते ही है। किन्तु, आप यह जानते है कि व्यक्ति कौन से दौर में Neend में बड़बड़ाना शुरू करता है? ज़्यादातर तीसरे दौर में गहरी नींद के समय व्यक्ति सपना या कुछ होने की वजह से नींद में बाड़बड़ाता है। Neend में बड़बड़ाना से कोई नुकसान नहीं है। किन्तु, कई बीमारियों का संकेत हो सकता है।

कई लोगो को निंद्रारोग होता है। यानी नींद में बोलने एवं हाथ पैर चलाने कि आदत। 

Neend में बड़बड़ाना का यह है उपाय।

Neend में बड़बड़ाना कोई बड़ी बीमारी नहीं है, तो ऐसे तो इसका इलाज आवश्यक नहीं है। किन्तु, फिर भी थोड़ी ज़्यादा बात करने की आदत हो नींद में तो साइकोथैरेपिस्ट से सलाह लें। ज़्यादातर 30+ व्यक्तियों नींद में बड़बड़ाने की आदत चिंता के कारण होती है। यदि, अच्छी नींद चाहिए तो रात को दूध पी कर सोए। आप योगा ओर एक्सरसाइज करने से आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी ओर यह समस्या भी कम होगी। एक डायरी में रात में सोने का समय ओर सुबह उठने का समय नोढ़ करें ओर यदि बीच में उठते है तो यह भी लिखे तकरीबन 21 दिन तक इस बात का ध्यान रखें। एक ओर बात स्मरण रहें कौन सी दवाई का सेवन कर रहे है वो लिखना ना भूले। शराब एवं धूम्रपान करने की आदत बंद करें।