PadmanabhaSwamy रहस्य – इस मंदिर में है हजारों टन खजाना

आपने भारत के कईं रहस्मयी मंदिरों के बारे में सुना होगा। ऐसा ही एक मंदिर है पद्मनाभ स्वामी मंदिर जिसके रहस्यों के बारे में सुनकर आप भी हैरान हो जायेंगे। यह मंदिर बहुत ही रहस्मयी है और चर्चा का विषय भी बना हुआ है।पद्मनाभ स्वामी मंदिर से जुडी कहानियां और बातें किसी ख़ज़ाने पर बनी hollywood film जैसी लगती हैं।इस रहस्मयी मंदिर के अंदर 6 ताबूत हैं जो अपने अंदर कईं सालों से कईं राज़ दबाए हुए हैं।प्राचीन कहानियों के मुताबिक इस मंदिर को सुरक्षित रखने के लिए न जाने कब से बंद करके रखा गया है और इस मंदिर में श्राप है की अगर इस मंदिर में किसी ने जाने की कोशिश की तो वो इस श्राप की चपेट में आ जायेगा।सन 1930 में कुछ ख़ज़ाने की खोज में निकले लोगों ने इस मंदिर को खोलने की कोशिश की तब उनका आमना सामना खतरनाक जानलेवा साँपों से हो गया।तब से इस मंदिर को लेकर यह सवाल खड़ा हुआ की क्या यह मंदिर सच में श्रापित है?ऐसा कहा जाता है की इस मंदिर में मौजूद walt number B को खोलने के लिए अगर किसी यंत्र और technology का ज़बरदस्ती इस्तेमाल किया गया तो बहुत बड़ा संकट खड़ा हो सकता है इस मंदिर के चारों तरफ ।लोगो का मानना है की इस मंदिर को खोलने के लिए एक मन्त्र की आवश्यकता होती है और इसके बिना वो नहीं खुल सकता।भारत के केरल राज्य के तिरुवनंतपुरम में स्तिथ इस पद्मनाभ स्वामी मंदिर की रचना कब और किसने की इसके बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है।किसने और कब यहाँ पद्मनाभ स्वामी जी मूर्ती की स्थापना की यह अभी तक एक रहस्य बना हुआ है।

कुछ लेखकों और इतिहासकारों का मानना है की इस मंदिर की स्थापना कलयुग शुरू होने के पहले दिन की गयी थी जो आज से 5000 साल पहले की घटना है।साल 2001 में archaeologists ने इस मंदिर के नीचे छुपे एक underground गुप्त तहखाने को खोजा जिसके अन्दर उन्हें 6 chambers मिले और इन chambers के ऊपर कुछ चीज़ें लिखी गयी थी उनकी पहचान करने के लिए जिनको उस समय मंदिर में काम कर रहे पुजारियों के द्वारा लिखा हुआ माना जा रहा है।जब इन chambers में से एक chamber को खोल के देखा गया तो उनकी आँखें फटी की फटी रह गयी क्यूंकि उस chamber में देर सारा खज़ाना छिपा हुआ था।उसमे असंख्य सोने के सिक्के थे जो हज़ारों साल पुराने थे।एक सोने का हार भी मिला जो 9 फ़ीट लम्बा था और उसका वजन ढाई किलो था।एक बोरी मिले जो हीरों से भरी हुई थी ।साथ में उसमे सोने की चेने और हज़ारों की तादात में आभूषण और गहने थे जिनमे बहुत कीमती पत्थरों का इस्तेमाल करके सजावट की गई थी।एक chamber में बहुत सारे मुकुट मिले और बहुत ही रंगीन दिखने वाले दुर्लभ पत्थर भी मिले।कईं चीज़ें तो इधर उधर बिक्री पड़ी मिली जैसा की 75 वर्षीय केरला high court के retired judge श्री CS Raajan जी बताते हैं जो उस समय वोल्टों को खोलने वाली टीम के सदस्य थे ।इस chamber का नाम Kallara A रखा गया है ।

वो बताते हैं की कोई भी चीज़ किसी योजना और विधि के अनुसार व्यवस्थित तरीके से नहीं रखी गई थी यानि किसी भी चीज़ को planning के साथ नहीं रखा गया था।वहां पर कईं सारी टोकरियाँ मिली,कुछ मिट्टी से बने बर्तन थे,कुछ ताम्बे से बने मटके थे ,जिनके अन्दर भी बहुत सी चीज़ें भरी हुई थी।उन्होंने बताया इस नज़ारे को देखने का एहसास वो शब्दों में ब्यान नहीं कर सकते।बाद में कुछ और भी चौकाने वाली चीज़ें सामने निकल कर आना शुरू हो गई जिनमे सात किलो सोने के सिक्के निकले जो East India Company के समय के थे ।18 सिक्के Napoleaon के ज़माने के मिले ।रेशम के कपडे में लिपटे हुए कीमती पत्थर मिले।1000 किलो सोना मिला जिनमे कुछ सोने के सिक्के थे।एक छोटा हाथी जो पीली धातु से बना हुआ था।कुछ मूर्तियाँ मिली जिनमे सन 1772 की मोहर लगी हुई थी और उन्हें वहां के उस समय के Raja Karthika Thirunal Rama Varma के शासनकाल का माना जा रहा है।इसके बाद भी उन लोगों का मानना है की इस इतिहासिक मंदिर में इन सबसे भी बड़ा खज़ाना छुपा हुआ है।जिस दिन पहले वोल्ट को खोला गया था उस बाद टीम दूसरे वोल्ट को भी खोलने जा रही थे जिसका नाम Kallara B है पर वहां का दरवाज़ा पूरी तरह से जंग लगने के कारण जकड़ा हुआ था और जाम पड़ा था।इसको खोलने के लिए लोहार को बुलाया गया पर वो भी नहीं खोल पाया और इसे तोड़कर भी अन्दर जाना ठीक नहीं था क्यूंकि यह एक पवित्र मंदिर का हिस्सा है।

पुरानी कथाओं में बताया गया है की इस रहस्मयी वोल्ट B की सुरक्षा नाग करते हैं।पूर्व Auditor General Vinod Rai जी बताते है की वोल्ट A को उनके सामने सन 1990 से अबतक जबतक उन्होंने काम किया था तब से कम से कम सात बार खोला गया था पर इसके अन्दर क्या है यह किसी को नहीं बताया गया और वोल्ट B के बारे में लोगों का मानना है की उसमे इससे भी बड़ा खज़ाना छुपा हुआ है ।हाल ही के कुछ सालों से पद्मनाभस्वामी मंदिर ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी और खींच रखा है।एक लाख करोड़ की रकम के बराबर सोने को इस मंदिर की basement में बने तहखाने में पाया गया है।इस खज़ाने की कीमत को आंकने के लिए जिस commitee को बुलाया गया था उन्होंने इसे प्राचीन इतिहास से जुड़े होने के कारण और भी ज़्यादा मूल्यवान बताया और उनका कहना है की इसकी कीमत बताई गई कीमत से भी 10 गुना ज़्यादा है।स्थानीय निवासी बताते हैं की Travancore के राजाओं ने इस मंदिर में बनी पत्थर की मोटी दीवारों के पीछे असीम संपत्ति एकट्ठा कर रखी है ।इस मंदिर का संचालन एक trust करता है जिसे आज़ादी के बाद से Travancore के राज परिवार के वंशज चलते आ रहे हैं।

1947 के बाद Travancore का राज Cochin के राजसी राज्य में मिल गया था।इस मंदिर का निरिक्षण सबसे पहले Supreme Court की तरफ से करवाया गया था ।जब मंदिर में सात सदस्यों की एक team वोल्ट का मुआयना करने के लिए और इस मंदिर में छुपे ख़ज़ाने की कीमत का पता लगाने के लिए उन्हें भेजा था।इससे पहले ऐसा बताया जाता है की इन वोल्टों को आज से 150 साल पहले किसी ने खोला था।इस प्राचीन मंदिर के बारे में अगर हम थोड़ा डिटेल में जाने तो यह मंदिर भगवान विष्णु जी को समर्पित किया गया है।जिसका अर्थ है की भगवान अनंत पद्मनाभ का पवित्र स्थल।इस शहर को आनंदपुरम के नाम से भी जाना जाता था जिसका मतलब था आनंद से भरा हुआ स्थान और Synanduram के नाम से भी जाना जाता था जिसका अर्थ है परम आनंद के पास।आनन्दा नाम श्री पद्मनाभ जी को खुद सूचित करता है ।

इस मंदिर को भगवान विष्णु के 108 निवास स्थानों में से एक माना जाता है।केरल की राजधानी शहर तिरुवनंतपुरम का नाम थिरु और अनंथापुरम को मिला के रखा गया है।अब बात करते हैं इस मंदिर से जुडी सबसे रहस्मयी जगह के बारे में और वो है इस मंदिर का सातवां और आखिरी दरवाजा जिसे बहुत रहस्मई माना जाता है और पूरी दुनिया की नज़र इस दरवाजे के पीछे छुपे रहस्यों को जानने के लिए उत्सुक है।जानकारों का मानना है की यह दरवाजा किसी ख़ास मंत्र को पड़ने के बाद अपने आप खुल जाता था पर दूसरा इसे खोलने का कोई तरीका नहीं है।ऐसा माना जाता है की इस chamber की निगरानी कुछ trust के सदस्य और ज्ञानी अनुभवी ज्योतिष लोग करते हैं पर इससे जुडी कोई भी गुप्त बात सामने नहीं आने देना चाहते हैं क्यूंकि chamber B के दरवाजे मोटे लोहे की परतों से बने हुए हैं और उनपे दो कोबरा सांपो के चित्र बने हुए हैं।साथ में ही इस दरवाजे को खोलने का कोई तरीका भी नहीं है क्यूंकि इसमें ना ही नट बोल्ट लगे है न ही इस दरवाजे को खोलने के लिए कोई दराज या चिटकनी लगी है।

इस दरवाजे को गुप्त रूप से बंद कर दिया गया माना जाता है ।जिसे नाग मन्थम या नाग पाशम नाम के मंत्रों से सिद्ध पुरषों द्वारा बंद कर दिया गया माना जाता है जो 16 शताब्दी में राजा मार्तण्ड के शासनकाल के थे।ऐसा बताया गया है की ऐसे गुप्त और रहस्मयी दरवाजों को सिर्फ बहुत ही विद्वान साधू खोल सकते हैं।जिन्हे नाग बंधन को खोलने का और सुलझाने का ज्ञान होता है।माना जाता है की इसे एक गरुड़ मंत्र को पड़ने से खोला जाता है।इसके इलावा इस दरवाजे को खोलने का कोई और दूसरा तरीका नहीं है।ऐसा कहा जा रहा है की आज के समय में ऐसा कोई सिद्ध पुरुष और योगी जीवित ही नहीं है जो उस गरुड़ मंत्र का सही इस्तेमाल करके इस दरवाजे को खोल सके।ऐसा भी माना जाता है की chamber B के अन्दर एक और chamber है

जिसकी दीवारें सोने की मोटी परतों से बनी हुई है।जिसके पीछे सबसे बड़ा रहस्य छिपा हुआ है और ऐसा कहा जा रहा है की यह पूरे इतिहास में दुनिया का सबसे बड़ा छिपा हुआ खज़ाना है जो इंसानो की नज़रों से दबा हुआ है ।इन तहखानों को खोलने के लिए जितने भी प्रयास किये गए सब विफल रहे और team के सदस्यों को अपनी जान बचाके वहां से भागना पड़ा जहाँ उनका सामना ढेर सारे साँपों से हुआ जो उस जगह की रक्षा कर रहे थे। एक जैसी ही घटनाएं दो बार हुई एक सन 1908 में और एक सन 1931 में हुई। आज के समय में पद्मनाभस्वामी मंदिर दुनिया की सबसे सरंक्षित जगहों में से एक है जिसकी सुरक्षा में सिक्योरिटी कमरों और 200 से भी ज़्यादा security guards को लगाया गया है जिनको emergency से निपटने के लिए खतरनाक बंदूकें और हथियार भी दिए गए हैं।दरवाजे के बाहर खड़े होकर लोगों ने अपना अनुभव बताया है की उन्होंने उस बंद दरवाज़े के अन्दर पानी के गिरने और साँपों के रेंगने जैसी आवाज़ों को सुना है।जैसा की उन्होंने अंदाज़ा लगाया और महसूस किया कुछ लोग सातवें दरवाज़े के बारे में मानते हैं की इस दरवाज़े के अंदर का हिस्सा पानी से भरा पड़ा है और इसे खोल देने पर वो जगह पूरे तरीके से पानी में डूब जाएगी।कुछ लोग मानते हैं की इस जगह की रक्षा हज़ारों साँप हज़ारों सालों से कर रहे हैं जिसे सिर्फ गरुड़ मंत्र से ही शांत करके हटाया जा सकता है पर सच में ही इस दरवाज़े के पीछे क्या है इसकी प्रतीक्षा आज भी लोग बड़ी उत्सुकता से कर रहे हैं।

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